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HARYANA :- बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह को सौंपा ज्ञापन

RANJEET SINGH
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विधानसभा सत्र में हरियाणा की यूनिवर्सिटियों के अनुबंध असिस्टेंट प्रोफेसर्ज का रोजगार सुरक्षित करने के लिए पॉलिसी बनाने के लिए बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह को सौंपा ज्ञापन
14 राजकीय विश्वविद्यालयों में लगभग एक हजार असिस्टेंट प्रोफेसर अनुबंधित अस्थाई व विजिटिंग फैकल्टी

हरियाणा की यूनिवर्सिटियों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती करने से 3 से 15 वर्षों से रिक्त पदों के विरुद्ध वर्कलोड पर कार्य कर रहे हजारों अनुबंध असिस्टेंट प्रोफेसरों पर छंटनी की तलवार लटक गई है।

जिसको लेकर सब असिस्टेंट प्रोफेसर व उनके परिजनों में भारी आक्रोश है। अपने भविष्य को लेकर भारी चिंता है। सभी यूनिवर्सिटियों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों के प्रदेश स्तरीय संगठन हरियाणा यूनिवर्सिटीज कांट्रैटचुअल टीचर्स संघ,हरियाणा (हुकटा) के प्रतिनिधिमंडल लंबे समय से सभी पार्टियों के सांसदों, विधायकों व अन्य मंत्रिमंडल के नेताओं से मिलकर रोजगार सुरक्षित करने की मांग को लेकर लगातार लंबे समय से संघर्ष कर रहा है।

इसी क्रम में हुकटा के प्रतिनिधिमंडल ने रानिया के विधायक एवं हरियाणा के बिजली मंत्री श्री रणजीत चौटाला से रेस्ट हाऊस सिरसा में मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की। बिजली मंत्री ने कहा कि आपका रोजगार सुरक्षित होना चाहिए और इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी क्योंकि हमारी सरकार का लक्ष्य रहा है कि किसी कर्मचारी का रोजगार नहीं छूटना चाहिए।

डा. कृष्ण कुमार व डॉ राजेश ने बताया कि प्रदेश के 14 राजकीय विश्वविद्यालयों में लगभग एक हजार असिस्टेंट प्रोफेसर अनुबंधित अस्थाई व विजिटिंग फैकल्टी के रूप में 3 से 15 वर्षों से वर्कलोड पर कार्यरत हैं। हम सभी की नियुक्ति यूजीसी के मापदंडों के अनुसार ही नियमानुसार की गई थी। हम सभी प्रारंभिक वेतनमान पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं ।

हम में से अधिकतर सेवारत शिक्षक नियमित सेवा में आने की अधिकतम आयु सीमा को भी पार कर चुके हैं या उसके आस-पास पहुंच चुके है। नयी भर्ती की पोस्टों पर कैटेगरी व अन्य कारणों के कारण पहले से कार्यरत अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर अपने विभाग /कॉलेज में आवेदन ही नहीं कर सकेंगे और ग्रॉस सैलरी न मिलने के कारण अपने खुद के अनुभव का लाभ भी नहीं ले सकेंगे

जिसके कारण हर समय बेरोजगारी की तलवार हम सबके सिर पर लटकती रहती है। हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा व पंजाब की तर्ज पर विश्वविद्यालय के अनुबंधित शिक्षकों का रोजगार (हरियाणा के सरकारी विद्यालयों के अतिथि अध्यापकों की तरह) पॉलिसी बनाकर नियमित करें या नियमित होने तक रोजगार की सुरक्षा प्रदान की जाए।

हुकटा के प्रतिनिधिमंडल में अनुबंधित टीचर्स एसोसिएशन चोधरी देवी लाल विश्वविधालय से डॉ कृष्ण कुमार ,डॉ राजेश , डॉ जगदीश भादु , डॉ कुलदीप डॉ परदीप कंबोज डॉ वंदना डॉ राममेहर आदि शिक्षक उपस्थित रहें।

 

 

 

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